SPECIAL OFFER

E-HOROSCOPE Rs.750 RS.325

ई- जन्म पत्रिका अत्याधुनिक ज्योतिष पद्धति द्वारा उत्कृष्ट भविष्यवाणी के साथ १००+ पेज में प्रस्तुत

E HOROSCOPE Create By Advanced Astrology Excellent Prediction 100+ Pages

शनिवार, मार्च 06, 2010

चैत्र नवरात्र

Chaitra navaratra, chaitra navaratree, chaitra navaratri 16- march-2010

चैत्र नवरात्र  16 - मार्च - 2010 से
नवरात्र माँ शक्ति कि उपासना एवं कृपा प्राप्ति हेतु सर्वोत्तम होते हैं।
क्योकि नवरात्री के आह्वान से माँ महामाय जगदम्बा की शक्तियों को जाग्रत कर उनकी कृपा सरलता से प्राप्त कि जा सकती हैं। जिस्सेसमारे सभी संकटों, रोगों, दुश्मनों, प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य सभि कष्टो से बच सकें। एवं हमारे शारीरिक तेज में वृद्धि हो। हमारा मन शुद्ध एवं निर्मल हो जिस्से हमे सभी प्रकार कि आत्मिक, दैविक, भौतिक शक्तियों का लाभ मिल सके।

चैत्र मास के नवरात्र पर माँ भगवती जगत जननी का आह्वान कर उनकी कृपा से शत्रु और दुष्ट आत्माओं का नाश करने के लिए जगाया जाता है। भारतीत परंपता एवं धर्म की आस्था से जुड़े सभी व्यक्ति किसी न किसी रूप में कहीं न कहीं देवी की उपासना करते ही हैं। फिर चाहे व्यक्ति करें, मंत्र जाप करें, पूजा अर्चना करे, अनुष्ठान करें या अपनी-अपनी श्रद्धा-‍भक्ति अनुसार कर्म करते रहें।

प्रायः भारत के सभी देवी मंदिर में चैत्र मास व अश्विन मास दोनों ही नवरात्र पर विशेष आयोजन या पूजा विशेष होती हैं। लेकिन व्यक्ति के मन में सबसे अधिक महत्व अश्विन मास में जगह-जगह गरबों की एवं जगह-जगह देवी प्रतिमा स्थापित करने के कारण अश्विन मास के नवरात्र को अधिक महत्व मानते हैं? परंतु एसा नहीं हैं विद्वाबो के मत से दोनो नावरात्र का देवी उपासनाके लिये विशेष महत्व होता हैं।

चैत्र नवरात्र में घरों में देवी प्रतिमा-घट स्थापना करते हैं।
नवरात्र के प्रथन दिन/ प्रतिपदा से विक्रम संवत के अनुशार नव वर्ष या नूतन वर्ष का प्रारंभ होता हैं।
इससे जुडे अन्य लेख पढें (Read Related Article)


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Feedback

कृप्या अपना पूरा नाम लिखे

अपना मोबाईल या फोन नंबर लिखे

ईमेल पता भरे

प्रतिक्रिया
हमारे ब्लोग को रेटिंग दे


आप हमारे द्वारा और क्या सेवा ये चाहते है जो अन्य ब्लोग अथवा वेब साइट पर उप्लब्ध हो?

Need assistance with this form?

PUBLIC NOTICE

  • हमारे द्वारा पोस्ट किये गये सभी लेख हमारे वर्षो के अनुभव एवं अनुशंधान के आधार पर लिखे होते हैं।
  • हम किसी भी व्यक्ति विशेष द्वारा प्रयोग किये जाने वाले मंत्र- यंत्र या अन्य प्रयोग या उपायोकी जिन्मेदारी नहिं लेते हैं।
  • यह जिन्मेदारी मंत्र-यंत्र या अन्य प्रयोग या उपायोको करने वाले व्यक्ति कि स्वयं कि होगी।
  • क्योकि प्रयोग के करने मे त्रुटि होने पर प्रतिकूल परिणाम संभव हैं।
  • हमारे द्वारा पोस्ट किये गये सभी मंत्र-यंत्र या उपाय हमने सैकडोबार स्वयं पर एवं अन्य हमारे बंधुगण पर प्रयोग किये हैं जिस्से हमे हर प्रयोग या मंत्र-यंत्र या उपायो द्वारा निश्चित सफलता प्राप्त हुई हैं।
  • अधिक जानकारी हेतु आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
(सभी विवादो केलिये केवल भुवनेश्वर न्यायालय ही मान्य होगा।)